News (Wildlife)

IMAGE भरौली में छह फीट लंबा मगरमच्छ पकड़ाया - हिंदुस्तान
Wednesday, 03 June 2020
स्रोत : हिंदुस्तान मिर्जापुर संस्करण 03 जून 2020 Read More...
IMAGE ढेढ़ी में भी मिला था मगरमच्छ - हिंदुस्तान
Wednesday, 03 June 2020
स्रोत : हिंदुस्तान मिर्जापुर संस्करण 03 जून 2020  Read More...
IMAGE विंध्य की पहाड़ी पर फिर दिखेंगे हरड़ और चिरौंजी - हिंदुस्तान
Friday, 22 May 2020
स्रोत : हिंदुस्तान मिर्जापुर संस्करण 22-05-2020  Read More...
IMAGE बंदरों के आतंक से विद्यालय में दहशत - दैनिक जागरण
Friday, 22 May 2020
जासं, पटेहरा (मीरजापुर) : विकास खंड क्षेत्र के पटेहरा में स्थित जवाहर... Read More...
IMAGE A woman became unconscious of snakebite
Monday, 18 May 2020
Rajgarh: Puja Singh, a 30-year-old woman became unconscious of snakebite in the morning. She was bitten by a snake while working in the home. The lady is wife of Anil Singh, a... Read More...

News (Environmental Crime)

IMAGE चीफ के जाते ही नदियों से अवैध खनन शुरू - हिंदुस्तान
Thursday, 04 June 2020
स्रोत : हिंदुस्तान मिर्जापुर संस्करण, 04-जून 2020 पृष्ठ 2  Read More...
IMAGE लॉकडाउन में जंगल में कटे सैकड़ों पेड़ - हिंदुस्तान
Sunday, 24 May 2020
स्रोत : हिंदुस्तान मिर्जापुर संस्करण 24-05-2020 Read More...
IMAGE लॉकडाउन में डाला रेंज में कट गए दर्जनों पेड़ - हिंदुस्तान
Friday, 22 May 2020
स्रोत : हिंदुस्तान मिर्जापुर संस्करण 22-05-2020  Read More...
IMAGE अवैध खनन में एक पर केस - दैनिक जागरण
Wednesday, 29 April 2020
स्रोत : दैनिक जागरण मिर्जापुर संस्करण 29 अप्रैल 2020 Read More...

Inventory of Traditional/Medicinal Plants in Mirzapur

http://www.prabhatkhabar.com/news/garhwa/story/251609.html

Publish Date: Dec 30 2014 10:04AM

धुरकी(गढ़वा) : झारखंड के गढ़वा जिले की महात्वाकांक्षी कनहर जलाशय सिंचाई परियोजना साढ़े तीन दशक से विचाराधीन है. लेकिन उसी समय (वर्ष 1976-77) की उत्तरप्रदेश सरकार की कनहर सिंचाई परियोजना का क्रियान्वयन शुरू हो चुका है. 
 
यहां से महज कुछ किमी दूर उत्तरप्रदेश के सोनभद्र जिले के अमवार गांव के पास बन रही कनहर सिंचाई परियोजना से झारखंड प्रदेश को कोई लाभ तो नहीं मिलेगा, लेकिन नुकसान जरूर उठाना पड़ेगा. क्योंकि 2252.29 करोड़ की लागत की उक्त सिंचाई परियोजना का कमांड एरिया यूपी के सोनभद्र जिले की 35462 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है. जबकि इसके डूब क्षेत्र में झारखंड के फेफ्सा, भूमफोर, परासपानी समुलियास गांव आ रहे हैं. इसके कारण बांध बनते ही झारखंड के ये चारों गांव डूब जायेंगे. 5000 एकड़ भूमि प्रभावित होगी. गौरतलब है कि उक्त कनहर सिंचाई परियोजना से प्रभावित (डूब क्षेत्र में) यूपी के पड़नेवाले सभी 11 गांवों के प्रभावितों को मुआवजा दिया जा चुका है. 
 
लेकिन झारखंड के डूब क्षेत्र के ग्रामीणों के पुनर्वास हेतु कोई मुआवजा नहीं दिया गया है और  न ही इस परियोजना में झारखंड के प्रभावित होनेवाले ग्रामीणों के लिए कोई प्रावधान है. जबकि यूपी सरकार ने इस डूब क्षेत्र वाले गांवों में निशान बना कर इसे चिह्न्ति कर दिया है. इसके कारण इस क्षेत्र के ग्रामीणों में काफी आक्रोश है.
Vindhya Bachao Desk
Author: Vindhya Bachao DeskEmail: This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.
Vindhyan Ecology & Natural History Foundation was established in the year 2012 as a registered trust in Mirzapur, Uttar Pradesh.

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