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साधारण नाम : स्लॉथ भालू / रीछ / Sloth Bear

वैज्ञानिक नाम : Melursus ursinus

भौगोलिक सीमाभारत, नेपाल, भूटान, और श्रीलंका

आवास :सदाबहार वन, पतझड़ वन एवं झाड़दार वन के साथ चट्टानी क्षेत्रों को भी पसंद करते हैं।

भौतिक विशेषताएं / पहचान :

  • लंबाई - 5 से 6 फीट
  • वजन - 90 से 140 किलोग्राम
  • शरीर पर मोटा काला या गहरा भूरा रंग का झबरा फर कोट होता है।
  • छाती पर “ V ” आकार की सफेद चिन्ह होती है।
  • इसका थूथन हल्के रंग होता है।
  • इसके पंजे घुमावदार होते हैं।
Sloth Bear KWLS VENHF
स्लॉथ भालू / रीछ (फोटो: विंध्य बचाओ, कैमूर वन्यजीव अभयारण्य)
 

भोजन की आदत :

  • रीछ सर्वभक्षी प्राणी है।
  • रात में भोजन की तलाश में जंगल में घुमते हैं।
  • महुआ, अमलतास, बेर, जामुन, बेल, कुसुम, तेन्दु आदि के पत्ते, फल एवं फूल खाते हैं।
  • जमीन में मिलने वाले कन्द तथा कीड़े जैसे चींटी, दीमक और मधु का छता भी खाते हैं।
  • रीछ अपने घुमावदार पंजों से चींटी एवं दीमक के टीले को खोदने में सक्षम है।
  • सूखे के मौसम में ज्यादातर कीड़े खा कर रहता है।
  • सर्दी एवं वर्षा में पेड़ों पर चढ़ कर फल, फूल और मधु के छत्तों को खाता है।
  • रीछ खेतों मे घुस कर गन्ना और मक्का भी खाते हैं।

प्रजनन :

  • रीछ का गर्भकाल 7 माह तक रहता है जिसके बाद 1 से 3 बच्चे जन्म लेते हैं।
  • बच्चे 2 साल तक अपनी माँ के साथ ही रहते हैं। 

जीवनकाल :

  • स्लॉथ भालू लगभग 40 साल तक जीवित रह सकते हैं।
व्यवहार :
  • रीछ मुख्य रूप से निशाचर होते हैं।
  • इसके गंध सूंघने की क्षमता अच्छी तरह से विकसित होती है।
  • इसके देखने और सुनने की क्षमता कमजोर होती है।

पद चिन्ह :

  • स्लॉथ भालू के पदचिह्न मानव के समान ही होते हैं।

Sloth Bear Pug mark

स्लॉथ भालू / रीछ के पद चिन्ह  (Reading pugmarks, WWF)

पारिस्थितिकी तंत्र में भूमिका :

  • भालू फलों को खा कर बीजों के प्रसार में मदद करते हैं।
  • दीमक को खा कर इसकी आबादी को नियंत्रण में रखते हैं।

संरक्षण स्थिति :

  • पारंपरिक चिकित्सा में भालू के पित्ताशय की थैली का उपयोग इसके शिकार का मुख्य कारण है।
  • भारत में इनके आवास के विखंडन एवं नष्ट होने के कारण विस्थापन इनके अस्तित्व के लिए खतरा बन गया है।
  • अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) के मार्च 2016 के आकलन के अनुसार संकटग्रस्त प्रजातियों की “रेड डाटा सूची” / लाल सूची में इसे “असुरक्षित (Vulnerable या VU)” श्रेणी मे रखा गया है।
  • स्लॉथ भालू को भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के सूची I के तहत संरक्षित किया गया है।
  • भारत सरकार ने मनोरंजन के लिए स्लॉथ भालू के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है।

स्रोत :

  • LeeAnn Bies (author), University of Michigan-Ann Arbor, Cynthia Sims Parr (editor), University of Michigan-Ann Arbor. Bies, L. 2002. "Melursus ursinus" (On-line), Animal Diversity Web. Accessed June 23, 2020, at https://animaldiversity.org/accounts/Melursus_ursinus/
  • The Corbett Foundation (2018). How to avoid conflict with sloth bears – a pictorial handbook. The Corbett Foundation, Mumbai, India.
  • Reading Pugmarks: A pocket guide for forest guards, Tiger & Wildlife Programme, 2005. WWF.
  • https://www.iucnredlist.org/species/13143/166519315
  • https://www.nathab.com/know-before-you-go/asia-the-pacific/india/wildlife-guide/sloth-bear/