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छत्तीसगढ़ के विस्थापितों को चवन्नी नहीं, कनहर बांध का काम प्रारंभ | Patrika


03.06.2015 | Aavesh Tiwari | http://www.patrika.com/news/raipur/raipur-not-found-compensation-the-displaced-of-chhattisgarh-1045603/

 

Raipur : Not found compensation the displaced of Chhattisgarh

यूपी के सिंचाई मंत्री ने छत्तीसगढ़ की अपात्तियों को निर्मुल बताते हुए कहा है कि सभी कार्य अनुबंध के हिसाब से किए जा रहे हैं 

रायपुर. छत्तीसगढ़ सरकार के अनुरोध को धता बताते हुए उत्तरप्रदेश के सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव ने उत्तरप्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा पर विवादास्पद कनहर बांध के कांक्रीटिंग के काम का सोमवार को शिलान्यास कर दिया है। यूपी के सिंचाई मंत्री ने छत्तीसगढ़ की अपात्तियों को निर्मुल बताते हुए कहा है कि सभी कार्य अनुबंध के हिसाब से किए जा रहे हैं। 2016 में हम बाँध का निर्माण पूरा करने को वचनबद्ध हंै। शिवपाल यादव ने इस मौके पर उत्तरप्रदेश के विस्थापितों को मुआवजा भी दिया।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के संभावित� विस्थापितों को अभी एक भी पैसा पुनर्वास के नाम पर नहीं दिया गया है। यूपी द्वारा दिए गए 40 लाख रुपयों की मदद से छत्तीसगढ़ ने सर्वेक्षण का काम तो पूरा कर लिया लेकिन न तो विस्थापितों की पहचान की गई है और न ही यूपी सरकार द्वारा बांध के निर्माण को लेकर बरते जा रहे उतावलेपन पर कोई प्रतिक्रिया जाहिर की है। शिवपाल सिंह यादव ने कहा है कि केंद्र सरकार ने भी कनहर बांध के निर्माण को लेकर असहयोगी रुख अपना लिया है और हमें किसी प्रकार की सहायता नहीं दी जा रही है।

झारखंड ने जताई कड़ी आपत्ति, कहा-शर्तों का खुला उल्लंघन

यूपी सरकार की कनहर सिंचाई परियोजना पर झारखंड ने कड़ी आपत्ति जताई है। इस परियोजना से झारखंड के पलामू जिले के चार गांव प्रभावित हो रहे हैं। झारखंड जलसंसाधन विभाग के प्रमुख सचिव सुखदेव सिंह ने \'पत्रिकाÓ को� कहा� कि 2003 में यूपी सरकार ने हमसे सशर्त अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया था। यूपी सरकार को उस अनापत्ति प्रमाणपत्र पर जवाब देना था लेकिन 2003 के बाद से लेकर अब तक यूपी सरकार की ओर से कोई सहमति नहीं दी गई और अचानक काम शुरू कर दिया गया। सुखदेव सिंह ने कहा कि हम न्यायालय जाने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।

उत्तरप्रदेश ने दी मध्यप्रदेश को चेतावनी

उत्तरप्रदेश के सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव ने कनहर में कांक्रीटिंग के कार्य को हरी झंडी दिखाने के साथ-.साथ मध्यप्रदेश को सोन नदी के जल के बंटवारे को लेकर 1973 में किए गए बाणसागर समझौते का कथित तौर पर पालन न करने का आरोपी बताया है। शिवपाल ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार यूपी के साथ पूर्व में हुए बाणसागर समझौते के पालन नहीं कर रही है, ऐसे में हम मध्यप्रदेश को सभी स्रोतों से दिए जाने वाले जल की सप्लाई को रोकने पर विचार कर रहे हैं। जल� संसाधन मंत्री उमा भारती ने पिछले महीने सोन जल बंटवारे को लेकर पिछले महीने यूपी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई थी परन्तु दोनों ही बैठकों में नहीं आए।

-आवेश तिवारी

 

Vindhya Bachao Desk
Author: Vindhya Bachao DeskEmail: This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.
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