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कनहर सिंचाई परियोजना पर झारखंड को आपत्ति | Navbharat Times


May 28, 2015 | Jai Prakash | http://navbharattimes.indiatimes.com/metro/lucknow/administration/2200-crore-on-irrigation-projects-Knhr-objection-Jharkhand/articleshow/47448624.cms

त्रिपाठी, लखनऊ

 कनहर सिंचाई परियोजना पर झारखंड को आपत्तिसीएम अखिलेश यादव के ड्रीम प्रॉजेक्ट कनहर सिंचाई परियोजना पर झारखंड ने कड़ी आपत्ति जताई है। दरअसल 2200 करोड़ की इस परियोजना से झारखंड के पलामू जिले के चार गांव प्रभावित हो रहे हैं। झारखंड सरकार का कहना है कि 2003 में यूपी सरकार ने हमसे कंडीशनल एनओसी ली थी। यूपी को उस एनओसी पर अपनी सहमति देनी थी लेकिन 2003 के बाद यूपी सरकार की ओर से कोई सहमति नहीं दी गई और अचानक काम शुरू कर दिया गया। बिना सहमति बने ही यूपी सरकार की ओर से काम शुरू कर दिए जाने पर झारखंड सरकार को आपत्ति है।

वाटर रिसोर्स विभाग करा रहा है सर्वे

झारखंड वाटर रिसोर्स विभाग के प्रमुख सचिव सुखदेव सिंह ने एनबीटी को फोन पर बताया कि 2003 में यूपी को कंडीशनल एनओसी कनहर प्रॉजेक्ट के लिए दी गई थी। 2003 से लेकर 2006-07 तक कई बार यूपी सरकार को सहमति के लिए पत्र भेजा गया लेकिन कोई जवाब नहीं आया। प्रमुख सचिव का कहना है कि पलामू जिले के चार गांव कनहर परियोजना से प्रभावित हो रहे हैं। यूपी सरकार को चाहिए कि पहले इन गांवों का सर्वे करा के आकलन कराए क्योंकि इन गावों की जमीन का अधिग्रहण भी होना है। उनका कहना है कि बिना अधिग्रहण के ही यूपी सरकार ने अपने हिस्से में काम शुरू कर दिया है, जो गलत है। अपनी आपत्ति जताते हुए झारखंड सरकार की ओर से यूपी को पत्र भी भेजा जा रहा है।

झारखंड के मंत्री ने सीएम से की थी शिकायत

झारखंड की गरवहा विधानसभा क्षेत्र के ही चार गांव परियोजना से प्रभावित हो रहे हैं। गरवहा से आरजेडी विधायक रामचंद्र चंद्रवंशी जो कि झारखंड सरकार में स्वास्थ्य मंत्री भी हैं, उन्होंने वहां के सीएम रघुवर दास से कुछ दिनों पहले इसकी शिकायत की थी। शिकायत के बाद झारखंड के सीएम ने मामले की जांच वाटर रिसोर्स विभाग के प्रमुख सचिव को सौंपी है।

कनहर परियोजना पर एक नजर

1976 में यूपी के तत्कालीन सीएम एनडी तिवारी ने किया था उद‌्घाटन

तब परियोजना की लागत थी 27.75 करोड़

उस समय प्रभावित होने वाले परिवारों की संख्या 1,044 थी

आज परियोजना की लागत 2,200 करोड़

प्रभावित होने वाले परिवारों की संख्या 2000

Vindhya Bachao Desk
Author: Vindhya Bachao DeskEmail: This email address is being protected from spambots. You need JavaScript enabled to view it.
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